Mohabbat

"Mohabbat bhi Zindagi ki tarah hoti hai
Har mod asaan nehi hota, har mod pe khushiya nehi milti.
Jab hum zindagi ka saath nehi chhodte toh
Mohabbat ka saath kyun chhode??
---Mohabbatein

2018-03-14

Facebook And Me...Humor

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अक्सर लोग मुझसे पुछते रहते है के ...में फेसबूक मे क्यूँ नहीं हूँ
 

इस का एक वजह तो है लेकिन उसे शब्दो का रूप नहीं दे पा रहा था में । पिछले कुछ सालो मे यह सवाल में लाखो बार फ़ेस कर चुका हूँ, सोचता  था किस तरह जवाब दु, ज़्यादा ज़ोर नहीं डाला था दिमाग मे इस सवाल का जवाब तैयार करने के लिए, अचानक सात दिन पहले जवाब अपने आप दिमाग मे आ गया और दो दिन के बाद मेरी  एक दोस्त ने मुझसे वही सवाल पुछ लिया...

...तू फ़ेसबूक मे क्यूँ नहीं है ?

जवाब तो तैयार था , थोड़ी एट्टीट्यूड के साथ मेंने जवाब दिया

... क्यूँ की गैरा मुल्को की लड़कियां मुझे पागलो की तरह ढूंढ रही है पर उन्हे मालूम नहीं के मुझे अपणी  ज़िंदगी मे पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है...

जवाब सुन के मेरे दोस्त ने कहा

...गैरा मुल्को की !!!! थोड़ा ज़्यादा नहीं हो गया?

मेंने मुस्कुराकर जवाब दिया

...चल गैरा नहीं , एक मुल्क

...यह भी बहोत ज़्यादा लग रही है

...यार, ठीक है,ठीक है, गैरा लड़कियां

...ज़्यादा है

...अच्छा पाँच लड़की

...और थोड़ा कम कर

...ठीक है तीन पे मान जा

...और थोड़ा कम हो सकता है

...दो पे मान जा ना प्लीज

...ज़्यादा लग रही है

...यार एक लड़की, अब इससे  कम करने को मत कहना, सेल्फ कॉन्फ़िडेंस टूट जाएगा ।

 
P.S. :- रात के 10 बाज कर 27 मिनट मे जब मे ये पोस्ट टाइप कर रहा था तो मेरी बहन मेरे कमरे के दारवाजा खटखटाया , हर रोज़ सोने से पहेले शुभ रात्री कहने आती है...
दरवाजा खोला और वही पे खड़े रहके पूछा "कुछ लिख रहा है ?"
मेंने कहाँ "हाँ, इस बार एक Humor लिख रहा हूँ "

she exclaimed and said...तो तू Humor लिख सकता है !!!! खुश रहना आता है तुझे !!!!!

मेंने बस मुस्कुराया  और वो शुभ रात्री कह के चली गई ।

अब इस पोस्ट का Extended Version तो बनता है , Image ka sawal hai....











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