Mohabbat

"Mohabbat bhi Zindagi ki tarah hoti hai
Har mod asaan nehi hota, har mod pe khushiya nehi milti.
Jab hum zindagi ka saath nehi chhodte toh
Mohabbat ka saath kyun chhode??
---Mohabbatein

2020-09-29

Tadap(तड़प)---353


 

 

शक था मुझे उनकी फितरत-ए-बेरहमी पर

अब यकीन मे तब्दील हो गई

उन दीनो मोहब्बत देखा तो

दिल के साथ खेलने आ गई थी

अब दर्द मे देखा

तो घाओ कुरेदने आ गई 

 

 

 

 

 

 

2020-09-28

Tadap(तड़प)---352


 

 

आज कल दर्द महसूस नही

होती और खुशी भी

आजकल शराब से आँसू नही निकलते

और नींद भी नही आती

आज भी दुआओं मे हम अपनी मौत मांगते है

और जीने की चाहत भी है

आजकल ख्वाहिशों का मिजाज बढ़ी ही अजीब है

उन्हे भुलाना भी है

और दिल मे वफा भी 

 

 

 

 

 

 

 

2020-09-26

Tadap(तड़प)---351

 


सोहबत–ए–दर्द

वाबस्ता खू-ए-वफा से है

फिर

नीवात-ए-मयकशी तो जायाज था

 

शराब कोई चारसाज़ नहीं

और कोई

ग़मगुसार  भी नही  

 

दुआओं मे हमने अपनी मौत मांगी

और कातिब-ए-किस्मत को यह मंजूर भी नही

2020-08-20

Tadap(तड़प)---350


 

यादों का यह सीलसिला
आ कर अब खतम कर ही दीजिए
के हम भी निकले मोहब्बत की गलियों से 


इस्ग्क़ पर अब यकीन तो ना रहा
कुछ पल जी ले हम भी
आ कर अब
बेवफाई सीखा तो दीजिए


 

2020-06-14

Tadap(तड़प)---349





रिश्ता दिल का कामाल का होता है
या कहूं
कामाल की होती है कारनामा दिल का 


सोच रहथे जिन्हे भुल चुके है हम 

आज एक चहरा कुछ कुछ उनके जैसा लगा 

तोह दिल भी पहली कि तरह ज़ोर ज़ोर से धड़्कने लगा 

अर्सा बीत गये उनके दीदार किये हुये 

सोच रहे थे उनकी आवाज़ भुल चुके है हम


पर दिल ने साबित कर दिया
फिर से गलत ही थे हम 



यादे कुच अलग ही होती है इस दिल का 

भुले से भी भुलता नही 

जज़्बातो को दाबा भी लेता है 

फीर उम्मीदो को जगाके

रोने पे मजबुर भी कर देता है

रह्ता जिसके पास है 

अक्सर उसी को तड़पा जाता है 







2020-06-10

Tadap(तड़प)---348




क्या खुब मोहब्बत कर गये हम 

दिल का रिश्ता क्या खुब निभा गये हम 



हमसे नही 


उस्स मयखाने से पुछ्लेना 

क्या खुब पी कर गये हम